जिलेवासियों में नववर्ष का व्यापक उत्साह,, पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा का अभाव, अनहोनी की आशंका…!!

SURAJPUR । सुरजपुर जिला पूरी तरह कड़कड़ाती ठंड की चपेट में है। स्कूल, कॉलेजो में सर्दी की छुट्टियां होने वाली है। इसी के साथ चालू वर्ष की विदाई और नववर्ष का स्वागत करने के लिए लोगों ने पिकनिक पर जाने की तैयारियां भी शुरू कर दी है। ऐसे में समय में लोग घूमने फिरने की भी योजना बना रहे है।

पर्यटन स्थलों में सैर सपाटे का दौर शुरू हो चुका है..

लोग परिवार, दोस्तों के साथ पर्यटन स्थलों पर घूमने फिरने के लिए पहुंच रहे हैं। बावजूद इसके पिकनिक स्थलों पर सुरक्षा के इंतजामो की कमी की वजह से अनहोनी की आशंका भी लोगों की चिंता का कारण बन रही है। ऐसे में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम की दिशा में प्रशासन की सजगता जरूरी हो जाती है।जिले में पिकनिक स्थलों की बहुतायत है। जहां काफी संख्या में लोग पिकनिक मनाने पहुंचते है। पिकनिक स्थलों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम के अभाव में अनेक गंभीर दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं।

बावजूद इसके प्रशासनिक उदासीनता की वजह से पिकनिक स्थलों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नही किये जा सके हैं..

युवा पीढ़ी की वीकेंड और खुशी के लिए परिवार और दोस्तो के साथ मस्ती करने पिकनिक जाने के बढ़ते प्रचलन के बीच पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम जरूरी हो जाते है, क्योंकि पर्यटन और धार्मिक स्थलों पर पहुंचने वाले पर्यटक अतिउत्साह में आकर झरनों और पहाड़ों के किनारे पर जाकर फोटो सेशन करने के साथ ही घूमने फिरने लग जाते हैं। इन्हीं कारणों की वजह से कई लोग हादसे के शिकार होकर अपनी जान भी गंवा चुके हैं, लेकिन इन घटनाओं से न जनता और न पुलिस सबक ले रही है। जिससे हर वक्त पर्यटन केंद्रों में हादसे की आशंका बनी हुई है।गौरतलब है कि सूरजपुर जिले के कई जलप्रपात ऊंचाइयों पर स्थित है। जहां इन दिनों हर दिन पर्यटकों का आना जाना लगा हुआ है। कुमेली वाटरफॉल से लेकर लफरी वाटरफॉल, सारासोर समेत रकसगंडा वाटरफॉल जैसे पिकनिक स्थलों पर रोजाना सैकड़ों पर्यटक पहुंच रहे हैं, लेकिन यहां सुरक्षा व्यवस्था के नाम पर कुछ नहीं है।

लोगों का माना है कि सुरक्षा के लिहाज से पिकनिक स्थलों पर सुरक्षाकर्मी तैनात रहना चाहिए, जो लोगों को झरनों के आसपास जाने से रोके, क्योंकि ऐसे स्थलों पर हर वक्त हादसे की आशंका बनी रहती है। पर्यटक कोई सुरक्षाकर्मी तैनात नहीं रहने की वजह से झरनों के एकदम करीब पहुंचकर फोटो सेशन कराते हुए देखे जा रहे हैं, लेकिन उन्हें रोकने टोकने वाला कोई नहीं है। जिसकी वजह से पर्यटक अतिउत्साह में अपनी जान जोखिम में डाल रहे है। जिले के दुरस्त अंचल में रेड़ नदी पर स्थित रकसगंडा जलप्रपात को देखने इन दिनों पर्यटकों की संख्या हर दिन बढ़ रही है। सरहदी राज्य मध्यप्रदेश सहित प्रदेशभर से लोग जलप्रपात में छुट्टियां बिताने पहुंच रहे हैं, लेकिन वहां सुरक्षा व्यवस्था के नाम पर कुछ नहीं है। जबकि रकसगंडा जलप्रपात में हादसे होते रहते हैं।

लोग जलप्रपात के नजदीक जाने के चक्कर में अपनी जान गंवा बैठते हैं। इसके अलावा जिले के ही ओड़गी ब्लॉक में स्थित लफरी वॉटरफॉल में लोग सैर सपाटे के लिए काफी संख्या में पहुंच रहे हैं। ऐसा ही हाल कुमेली वाटरफॉल पर है, लेकिन इन जगहों सुरक्षा जवानों की तैनाती नहीं की गई है। जिससे पर्यटक वॉटरफॉल के नजदीक जाकर अपनी जाना जोखिम में डाल रहे हैं। यह बताना लाजिमी होगा कि जिले के रकसगंडा वॉटरफॉल, कुमेली वाटरफॉल, लफरी वॉटरफॉल में कई लोगों की जान जा चुकी है। इसके बावजूद प्रशासन इन घटनाओं से सबक नहीं ले रहा है। संवेदनशील पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा जवानों की तैनाती नहीं की जा रही है।

जिससे पर्यटक मनमाने तरीके से खतरों के बीच जाकर अपना समय व्यतीत कर रहे हैं, लेकिन इन्हें रोकने वाला कोई नहीं है। जिससे हादसे की आशंका बनी हुई है।

नव वर्ष को देखते हुए जलप्रपातों में पेट्रोलिंग टीम द्वारा सतत निगरानी रखी जा रही है। तो वहीं एसपी सूरजपुर के साथ वे भी पर्यटन स्थलों में घूम घूम कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा ले रहे हैं। पर्यटन स्थल पर लोगो से भी सजग रहने को कहा जा रहा है।

जहां नववर्ष के मद्देनजर संबंधित थाना प्रभारियों को पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के निर्देश दिए गए हैं। जलप्रपातों में पिकनिक मनाने जाने वाले भी किसी प्रकार की जोखिम न लें और असुरक्षित स्थलों से दूर रहें।शोभराज अग्रवाल अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक.!!

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