व्यापक पैमाने पर कोयला चोरी का सिलसिला प्रारंभ,ईंटा भट्ठों में भी खप रहा चोरी का कोयला..

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बिश्रामपुर । आचार संहिता लगते ही एसईसीएल की गायत्री भूमिगत खदान परिसर में रखे कोल स्टाक से व्यापक पैमाने पर कोयला चोरी का सिलसिला प्रारंभ हो गया है। एसईसीएल का सुरक्षा महाकमा कोयला चोरी रोक पाने में पूरी तरह पंगु नजर आ रहा है। व्यापक पैमाने पर कोयला चोरी होने से कंपनी को अपूरणीय क्षति हो रही है।बता दें कि विगत दिनों कोयला चोरी का मामला अखबारों की सुर्खियां बनने के बाद एक बार थम सा गया था, लेकिन चुनाव आचार संहिता लगते ही कोयला खदानों से कोयला चोरी अवैध कारोबार एक बार फिर शुरू हो गया है। कोयला खदान के प्रतिबंधित परिसर में काफी संख्या में पास के ग्रामीण महिला एवं पुरुष घुसकर कोयला चोरी कर रहे हैं।

एसईसीएल प्रबंधन भी कोयला चोरी रोकने की दिशा में कोई पहल नहीं कर रहा है।

ऐसे में कथित पुलिस कर्मियों के साथ ही एसईसीएल प्रबंधन के कथित अमले समेत सुरक्षा कर्मियों पर कोयला चोरों से सांठगांठ का आरोप लगना लाजमी है।खान सूत्रों की माने बहुतायत में ग्रामीण महिला एवं पुरुषों का समूह सुबह दोपहर एवं शाम को बेधड़क खदान परिसर में घुसकर कोयला स्टॉक से बोरियों में भर कर कोयला चोरी कर रहे हैं। कोयला चोरी की वारदात को एसईसीएल के कथित अधिकारी एवं सुरक्षा कर्मचारी मूकदर्शक बनकर देखते रहते हैं। कोयला चोरी रोकने में उनमें कोई दिलचस्पी नजर नहीं आती है। कमोबेश क्षेत्र की आमगांव ओपन कास्ट परियोजना से भी कोयला चोरी का सिलसिला जारी है।

ईंटा भट्ठों में भी खप रहा चोरी का कोयला,,,,

बता दें कि कोयला खदानों से व्यापक पैमाने पर चोरी किए गए कोयले को खदान के आसपास संचालित कथित वैध व अवैध ईंटा भट्ठों में खपाया जा रहा है। इसके साथ ही कोल माफिया पिकप समेत 407 व 912 वाहनों से भी कोयला तस्करी के कार्य को बेधड़क अंजाम दे रहे हैं। इस तरह के मामले पूर्व में भी प्रकाश में आ चुके है।

अवैध ईंटा भट्ठों पर प्रशासन मेहरबान,,,,

कोयला खान क्षेत्रो के आसपास नियम विरुद्ध ढंग से ईंटा भठ्ठे धड़ल्ले से संचालित हैं। जिनमे अवैध ईंटा भट्ठे भी काफी संख्या में है। शिकायत होने के बाद अवैथ ईंटा भट्ठा संचालको की विरुद्ध कार्यवाही के नाम पर महज दिखावा किये जाने से उनके हौसले बुलंद है। जांच के दौरान अवैध से निर्मित ईंटों की संख्या अत्यधिक पाए जाने के बावजूद कम ईंटो की जप्ती दर्शाए जाने से खनिज महकमे की भूमिका पर अक्सर उंगलियां उठती रही है।

कार्यवाही के नाम पर औपचारिकता निभाये जाने से प्रतीत होता है कि अवैध ईंटा भट्ठा संचालको पर खनिज अमला मेहरबान है।हर बार की तरह इस बार भी जिला खनिज अधिकारी अजय रंजन दास द्वारा काल रिसीव नही किये जाने के कारण मामले में उनका पक्ष नही लिया जा सका।(वर्जन)कोयला खान क्षेत्र से कोयला चोरी फिर शुरू हो गई है। कोयला खान क्षेत्र का मानी इलाका कोयला तस्करों की शरणस्थली बनता जा रहा है। खदानों से चोरी कोयले को आसपास के कथित ईंटा भठ्ठो में खपाने के साथ ही वाहनों से इधर उधर खपाया जा रहा है।

कोयला चोरी पर तत्काल रोक लगनी चाहिए।विकास सिंह, जिलाध्यक्षसुरजपुर जिला ट्रक मालिक संघकोयला खदान परिसर में बलात प्रवेश कर ग्रामीणों द्वारा भारी मात्रा में कोयला चोरी शुरू कर दिए जाने से राष्ट्रीय क्षति हो रही है। कोयला चोरी का विरोध करने पर कोयला चोरी में संलिप्त लोग कोयला कामगारों के साथ मारपीट करने पर आमादा हो जाते है। कोयला कामगार दहशत में कोयला चोरी करने मजबूर है। खदानों में सुरक्षा व्यवस्था मुस्तैद करने की जरूरत हैं। सुजीत सिंह, बीएमएस नेतासदस्य कंपनी संयुक्त सलाहकार समिति

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